क्लब या संस्था के सामूहिक दिवाली आयोजन का आमंत्रण पत्र ड्राफ्ट/Samuhik Diwali ke aayojan ka amantran patra draft

  क्लब या संस्था के सामूहिक दीपावली आयोजन की सूचना    नन्हे नन्हे दीप जले हैं नाची दीप शिखा, अन्धकार को दूर भगाता उनका दिव्य उजास फुलझड़ियों की थिरकन बिखरा प्यारा एक अनार  एक हो जाते गले लगाते आते अपने पास        प्रियजनों,  इस स्वर्णिम पर्व पर जब स्नेह भरे ह्रदय मिलते हैं

कम्पनी के उत्पाद लांचिंग का आमंत्रण-ड्राफ्ट-1/Company ke product launching ka invitation draft-1

फलक से गुनगुनाती आईं हैं कुछ बूँदें  लगता है कोई बदली किसी पायजेब से टकराई है  कम्पनी के उत्पाद लांचिंग का आमंत्रण  स्नेही स्वजन,  सौंदर्य बोध से भरी गुनगुनाती हुईं बूँदें मानव मन को सदा ही आकर्षित करतीं आईं हैं। यह सच है कि सौंदर्य की परिधि अपरिमित है। अपरिभाषित है। लेकिन मानवीय कलात्मकता एवम

कम्पनी के नये उत्पादों की लांचिंग का आमंत्रण पत्र -2/Product Launching invitation draft-2

  स्नेही स्वजन, खुशी एक शब्द मात्र नहीँ है। और इसे शब्दों में बयान करना आसान भी नहीँ। हमने प्रण किया है एक ऐसी रिश्तों की दुनिया बनाने का जहाँ दिलों को मीठा करने वाली, सौगातें भरने वाली नेमतों की श्रृंखला तो आरम्भ होती है लेकिन यह सुखद यात्रा अंतहीन हो जाती है। आपकी विश्वशनीय

आभार सन्देश ड्राफ्ट-1/Aabhar Sandesh draft-1

    Draft-A   स्नेहिल स्वजनों,   आज पुनः यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हमारे बार्षिक कार्यक्रमो का एक बड़ा आयोजन…………………….का कार्यक्रम सफलता का एक बड़ा इतिहास बनाते हुए सम्पन्न हो गया है। कितनी भी ऊहापोह रही परन्तु मुझे अपने ग्रुप के कर्मठ पदाधिकारियों, कार्यकारिणी एवम प्रतिबध्दत कार्यकर्ताओ पर कभी भी संदेह

आभार प्रदर्शन भाषण-2/Aabhaar pradarshan bhashsan draft-2

  स्नेहिल सदस्यगण, आज मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही कि हमारी संस्था…………………..का बड़ा आयोजन प्रतिवर्ष एक सामूहिक बड़ी यात्रा का आज सुखद समापन हो गया है। पूर्व नियोजित योजना, एक अप्रतिम स्थान का चयन, एक बड़ा होमवर्क, विशिष्ट पूर्व तैयारियाँ एवम सभी गणमान्य दम्पति सदस्यों की सुविधा एवम सुगमता का ध्यान रखना ऐसे विभिन्न प्रकार

शिक्षक दिवस पर आयोजन की सूचना ड्राफ्ट । शिक्षक दिवस का आमंत्रण पत्र । Shikshak divas par aayojan ka draft

  कबीरा ते नर अंध है, गुरु को कहते और  हरि रूठे गुरु ठौर है,  गुरु रूठे नही ठौर    प्रिय स्वजन,    यह सर्व विदित है कि वेदों एवम सनातन धर्म के अनुसार भारतवर्ष की प्रथम एवम प्राकृत भाषा संस्कृत थी जिसे देवोपुनीत भाषा भी कहा जाता है. संस्कृत से ही सुसंस्कृत शब्द की

सामूहिक तीर्थ यात्रा की सूचना लेख/Samuhik teerth yaatra ki suchna ka draft

“चलो करें हम तीर्थ वन्दना, अवसर बड़ा महान है  जहाँ जीव को मिले शान्ति, वही तीर्थ स्थान है”   प्रिय भक्तजनों,    प्रेम और सौहार्द्र का प्रतीक होली के सतरंगी महापर्व में अगर अपने इष्ट की भक्ति का पावन रंग का अमृत तुल्य  मिश्रण हो जाये और उस अमृत तुल्य मिश्रण की फुहार हम पर

श्री महावीर जयंती के आयोजन का सूचना ड्राफ्ट/Shri Mahaveer jayanti ke aayojan ka suchna draft

  बिघ्नो का नाश होता है महावीर नाम से निर्भय बनो और जय कहो श्री वीर प्रभु की सब मिल के आज जय कहो श्री वीर प्रभु की मस्तक झुका के जय कहो श्री वीर प्रभु की   स्नेहीजनों,    जैसा कि आप सबको विदित है कि प्रतिबर्षानुसार इस वर्ष भी युग नायक, देवों के

अध्यक्षीय भाषण ड्राफ्ट/Adhykshiya Bhashan draft

    हमारे संचालक द्वय………………….जी और……………………जी को बहुत बहुत धन्यवाद। मंचासीन गण मान्य विभूतियों को समर्पित इन चार पंक्तियों के साथ मै अपनी बात शुरु करना चाहूंगा कि.  .    ‘कहाँ हैं ऐसे लोग जो निस्पृह रण में जूझने जाते हैं परहित में निजहेतु त्यागकर प्यार बाँटते जाते हैं आशाओं के पुष्प पल्लवित होते इन्हीं मालियों

होली मिलन कार्यक्रम का आभार भाषण-3/Holi milan karykram ka aabhar bhashan

‘ श्याम सलोने राधा गोरी बरसाने का हुल्लड़ था रंग रंगीले फगुआ होली शहरों वाला अल्हड़ था जब रंग बरसा झूम गये सब धूम मची थी नगरी में भक्त मगन थे पी के नाचे अमृत वाला कुल्हड़ था   अभी तक एक स्वप्न सा प्रतीत होता है कि होली मिलन का कार्यक्रम इतना अभिनव एवम
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