देश भक्ति की कवितायें Archive

जलियाँवाला बाग हत्याकांड : जलियांवाला बाग हत्याकांड पर कविता, Jallianwala Bagh Massacre Poem in hindi

परतंत्र भारत में फिरंगियों के काले और बर्बर ज़ुल्मों का सबसे काला पन्ना अगर कोई है तो वो है जलियाँवाला बाग हत्याकांड । इस हत्याकांड में शहीद देशबासियों को इस कविता के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।    जलियाँवाला बाग हत्याकांड पर हिंदी कविता इन इतर कयासों को छोड़ो, मैं खूंरेजी का किस्सा हूँ

रानी लक्ष्मी बाई : रानी लक्ष्मी बाई पर कविता-झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई पर कविता, Rani lakshmi bai par hindi kavita

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में वैसे तो लाखों देश भक्त हँसते-हँसते देश पर कुर्बान हो गये लेकिन चंद देशभक्त ऐसे हैं जिनकी अद्वितीय वीरता, बलिदान और योगदान आज भी बच्चे बच्चे की ज़ुबान पर हैं। ऐसी ही एक वीरांगना झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई थीं। दोस्तों, आप सबने बचपन में महान कवियत्री सुभद्राकुमारी चौहान की कविता

इंदिरा गांधी : इंदिरा गांधी पर कविता, इंदिरा गांधी पर विशेष कविता, Indira Gandhi kavita hindi, poem on Indira Gandhi in hindi

  भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी एकमात्र ऐसी पहली और आख़िरी महिला प्रधानमंत्री थीं जिन्हें लौह महिला के नाम से पूरी वैश्विक दुनिया मे जाना जाता था। हिंदुस्तान इंदिरा गांधी के अतुल्य योगदान को कभी नहीं भुला सकता। मेरी यह कविता उनके अमिट योगदान के नाम समर्पित है। इंदिरा गांधी पर कविता जिसको दुनिया

Poem on Anti black money day- एन्टी ब्लैक मनी डे के समर्थन में कविता, नोटबन्दी दिवस के समर्थन में कविता

एन्टी ब्लैक मनी डे के समर्थन में कविता अपने काले चिट्ठे लेकर, चेहरा कहाँ छिपाओगे काला दिवस मनाने वालो, फिर कालिख पुतवाओगे। दीवाना है दीवाने की, नज़र बहुत ही पैनी है शायद इसी बात की कुछ, बेईमानों को बैचेनी है। अफ़रातफ़री मची हुई है, बेईमानों के खेमे में बदहवास हैं पड़ ना जायें, आंगें बड़े

Matdaata jaagrukta par kavita-मतदाता जागरूकता पर हिंदी कविता । जागो मतदाता जागो पर कविता। देशभक्ति कविता

देश में चुनावी माहौल है। मतदाता के काँधों पर सही उम्मीदवारों को चुनने की महती ज़िम्मेदारी होती है जिससे एक सही सरकार का गठन किया जा सके। प्रस्तुत है मतदाता जागरूकता पर हिंदी कविता, पढें और अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें।  मतदाता जागरूकता पर हिंदी कविता अगर याद हो धूप शरद की, अंगारों सी लगती थी

Deshabhakti shayari । तिरंगे की शायरी । तिरंगे पर चार लाइन शायरी । 15 अगस्त की शायरी । स्वन्त्रता दिवस पर चार लाइन शायरी

वतन की आन बान शान बहुत प्यारी थी ये वंदे मातरम की तान बहुत प्यारी थी। तुम्हारी आँख के आँसू उन्हें चढ़ा देना जिन्हें तिरंगे की मुस्कान बहुत प्यारी थी।। कोई आकर गले लगाये बहुत अच्छा है। शराफतों से पेश आये बहुत अच्छा है हमें न आँख दिखाना की फोड़ देंगें हम कोई गफ़लत न

पाकिस्तान सेना द्वारा दो भारतीय सैनिकों को मारने और उनके सिर काटने पर आक्रोश जताती कविता। Poem against Pakistanis army barbaric act killed two Indian soldiers and mutilated Bodies

    एक कटेगा बीस काटकर, दुश्मन के सिर लायेंगे हमें जिताओ है वादा हम, कड़ा सबक सिखलायेंगे। लेकिन आज नदारद सारे, तेवर भगतसिंह वाले ये कैसी तासीर पदों की, स्वाभिमान को जो मारे। निंदा निंदा और भर्त्सना, सुना सुना कर छका दिये बड़ बोले कुछ नेताओं ने, कान हमारे पका दिये। ये भी पढ़ें- 

कश्मीर में सैनिकों का थप्पड़ों द्वारा अपमान पर रोष जताती कविता। Poem against army being insulted in Kashmir

  गर न भूले आसमान से, ऊंचे उड़े इरादों को गर न भूले ढेर प्रचारित, छप्पन इंची वादों को। अगर याद हो सौ करोड़ ने, तुमको शासन सौंपा है अगर ज्ञात हो हिन्दोस्तां को, तुम पर बड़ा भरोसा है। जननी जन्मभूमि की अस्मत, हमको जां से प्यारी है अगर याद हो आंख नोचने, वाली रीत

कश्मीर में सेना के जवानों से हुई बदसलूकी पर आक्रोश जताती कविता। Poem against Indian army being insulted in Kashmir by some kashmiris.

  नहीं है पहनी चुड़ियाँ हमने, रण कंकण बाँध के रखते है। देश के सम्मान के खातिर, नरमुंड तैय्यार भी रखते है।। वीर सिपाही हम बाजू में आग, सीने में फौलाद रखते है। हम निडर प्रहरी भारत माता के, चरणों का मान रखते है।। ये भी पढ़ें-देशभक्ति की कविता ये भी पढ़ें-पद्मावती विवाद पर कविता

देशभक्ति पर एक बहुत ही ओजमयी कविता । Deshbhakti par kavita

नव प्रभात की नई रोशनी, में इक दीप जलाया हूँ शाम तलक कुछ फुंकारों से, लावा इसे बनाया हूँ। फफक उठे हैं-दहक उठे हैं, लाल फुलङ्गे सीने में हमको प्यारे रास ना आया, ऐसे घुट-घुट जीने में। कलम चली है-कलम चलेगी, हलके में मत लेना जी खुल के जब तलवार चलेगी, फिर इलज़ाम ना देना
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