नेताओं पर स्वागत शायरी - politician welcome shayari, राजनैतिक स्वागत शायरी । नेताओं पर सम्मान शायरी | उड़ती बात

नेताओं पर स्वागत शायरी – politician welcome shayari, राजनैतिक स्वागत शायरी । नेताओं पर सम्मान शायरी

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नेताओं पर स्वागत शायरी – विगत कई दिनों से राजनैतिक मंच संचालन से जुड़े हुये कई मंच संचालकों का आग्रह था कि नेताओं पर स्वागत शायरी लिखूँ। आप सबके के अनुरोध पर प्रस्तुत है राजनीतिक मंच संचालन शायरी और राजनीतिक स्वागत शायरी । सदा की तरह अपनी स्नेहिल प्रतिक्रिया से मुझे ज़रूर अवगत करायें।

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नेताओं पर स्वागत शायरी

फिर शान इस शहर को, नई आप से मिली
मुस्कान इस शहर को, नई आप से मिली
पाकर के साथ आपका, किस्मत बदल गयी
पहचान इस शहर को, नई आप से मिली।

कस्बा दिया था आपको, शहर बना दिया
कितनों को रोज़गार दिया, घर बना दिया
किस तरहा शुक्रिया हुज़ूर, आप का करें
तकदीर बना दी है, मुक़द्दर बना दिया।

दुनिया में आज रहनुमा, अब कोई है कहाँ
इंसान आज ख़ुशनुमा, अब कोई है कहाँ
यूँ आज सियासत में, आप सा कहाँ कोई
अच्छाई का यूँ रहनुमा, अब कोई है कहाँ।

सोये थे सारे ख़्वाब, शहर के मचल गये
मुरझाये सारे फूल, गुलसितां के खिल गये
नेताजी हमें आपसे, उम्मीद है बड़ी
तकदीर थी हमारी, हमें आप मिल गये।

हर गाँव गाँव आपकी, चर्चा बड़ी हुज़ूर
मन मे है आपके लिये, श्रद्धा बड़ी हुज़ूर
हरदम हमारे वास्ते, तत्पर खड़े रहे
तत्पर तुम्हारे वास्ते, जनता खड़ी हुज़ूर।

दुःख दर्द आये हमको, तो दुखिया बना लिया
सुख अपना बाँट करके, सुखिया बना दिया
सुख दुःख में साथ यूँ ही, सदा आपका मिले
हम सबने आज आपको, मुखिया बना लिया।

अब ख़ासदार ख़ास, आदमी का है कहाँ
अब आमदार, आम आदमी का है कहाँ
अब आजकल के नेता कहाँ आपसे यहाँ
अब आदमी भी आज आदमी का है कहाँ।

हम आज सब कृतज्ञ हुये, आप पधारीं
आशायें सोई सोई थीं वो, जग गई सारीं
उपकृत ह्रदय से आपका, करते हैं स्वागतम
हम आपके हुये हैं और, आप हमारीं।

जीवन में कोई आपसा, देखा कभी नहीं
सज़्ज़न स्वभाव आपसा, देखा कभी नहीं
हम भाग्यशाली हैं जो हमें, आप मिल गये
व्यक्तित्व हमने आपसा, देखा नहीं कभी।

इस मंच को सभा को ज़रा प्यार दीजिये
थोड़ा प्रशंसकों पर उपकार कीजिये
है नेह निमंत्रण इसे स्वीकार लीजिये
नेता जी आप मंच पर आकर विराजिये

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Fir shaan is shahar ke nayee aap se mili
muskaan is shahar ko nayee aap se mili
paakar ke saath aapka kismat badal gayee
pahchaan is shahar ke nayee aap se mili.

kasba diya tha aapko shahar bana diya
kitne ko diya rozgaar ghar bana diya
kis taraha shukriya huzoor aap ka karen
Taqdeer bana di hai muqaddar bana diya.

duniya me aaj rahnuma ab koyee hai kahaan
insaan aaj khushnuma ab koi hai kahaan
yoon aaj siyaasat me aap sa kahaan koyee
achhayee ka yoon rahnuma ab koi hai kahaan.

soye the sabhi khawab shahar ke machal gaye
murjhaaye sare phool gulsitaan ke khil gaye
netaaji hamen aapse ummed hai bahut
taqdeer thi hamaari hamen aap mil gaye.

har gaawn gaawn aapki charcha badi huzoor
man me hai aapke liye shraddha badi huzoor
hardam hamaare vaaste tatpar khade rahe
tatpar tumhare vaaste janta khadi huzoor.

duhkh dard aaye hamako to, dukhiya bana liya
Sukh apna baant karke, sukhiya bana diya
sukh dukh me saath yoon hi sada, aapka mile
ham sabne aaj aapko, mukhiya bana liya.

ab khaasdaar khaas, aadmee ka hai kahan
ab aamadaar, aam aadamee ka hai kahaan
ab aajakal ke neta kahaan aap se yahan
ab aadami bhi aaj aadami ka hai kahaan.

ham aaj sab kritagya huye, aap padhareen
aashaayen soyee-2 thi vo, jag gayee saarin
upakrt hraday se apka, karte hain svagaatam
ham aap ke hain aur, aap hamaareen.

jeevan me koyee apsa, dekha kabhee nahin
sajaan swabhaav apsa, dekha kabhee nahin
ham bhagyashali hain jo hame, aap mil gaye
Vyaktitva hamne aapsa, dekha kabhee nahin.

Is manch ko sabha ko zara, pyar dijiye
Thoda prashnsakon par, upkaar kijiye
Hai neh nimantran ise, sweekar lijiye
Neta ji aap manch par, aakar virajiye.

आशा है कि आप सबको यह अंक नेताओं पर स्वागत शायरी अवश्य पसंद आया होगा। आपके बहुमूल्य कमेंट के इंतज़ार में-अमित जैन ‘मौलिक’

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