नववर्ष पर गीत – नव वर्ष पर कविता । New year poem । नववर्ष की शुभकामना कविता

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नववर्ष पर गीत – मित्रों, नववर्ष पर गीत  बदलाव की कहानी बयान करने वाला गीत है। यह बदलाव समग्र रूप से होना चाहिए, बदलाव समय में, बदलाव मिज़ाज़ में, बदलाव हमारी किस्मत में। हम नववर्ष का इस बड़ी आशा से स्वागत करते हैं, जश्न मनाते हैं कि विगत वर्ष हमारे जीवन मे जो भी विषाद गम परेशानियाँ थीं वो सारीं की सारीं पुरानी हो जायें या पुरानीं हो गईं। अब नये साल में दिन बदलेंगें वक्त बदलेगा और चीजें भी। तो एक समग्र बदलाव की आशा और नसीहत देता यह नववर्ष पर गीत  उड़ती बात की ओर से शुभाकांक्षाओं के रूप में आपको भेंट कर रहा हूँ। आप सबको नववर्ष की ह्र्दयतल से अतुल्य शुभकामनाएं।

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नववर्ष पर गीत

आया है नव वर्ष द्वार पर, आओ स्वागत करते हैं
रोली चंदन तिलक लगाकर, नयी रिवायत करते हैं।

ख़ुद को देखें ख़ुद में झांके, कितनों का दिल तोड़ा है
अपनों को लेकर निकले थे, साथ कहाँ पर छोड़ा है
फिरकापरस्ती कुफ़्र मानकर, बंद सियासत करते हैं
रोली चंदन तिलक लगाकर, नयी रिवायत करते हैं।

मतलब ही मतलब की बातें, करके उमर गंवाई है
भीड़ तो है पर भीड़ के भीतर, नश्तर सी तन्हाई है
झूठ का मुंह काला करते हैं, सच की वकालत करते हैं
रोली चंदन तिलक लगाकर, नयी रिवायत करते हैं।

दवा नहीं तो दुवा बाँट लो, गम का भी कुछ हिस्सा हो
आज चार को गले लगाया, ऐसा भी कुछ किस्सा हो
इश्क करो तो ख़ुदा मिलेगा, रश्क को लानत करते हैं
रोली चंदन तिलक लगाकर, नयी रिवायत करते हैं।

आओ नये साल में अपनी, रंगत संगत बदलें हम
कतरा कतरा नूर हंसेगा, बस्ती जन्नत कर लें हम
मौलिक हस्ती हो अलमस्ती, ख़ुद पे इनायत करते हैं
रोली चंदन तिलक लगाकर, नयी रिवायत करते हैं।

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New year song

aaya hai nawvarsh dvaar par,
aao svaagat karate hain
roli chandan tilak lagaakar,
nayee rivayat karte hain.

Khud ko dekhen khud me jhaanken,
kitnon ka dil toda hai
apnon ko lekar nikle the,
saath kahaan par chhoda hai.
Firkaparasti kufra maankar,
band siyaasat karte hain
rolee chandan tilak lagaakar,
nayee rivayat karte hain.

matlab hi matlab kee baaten,
Karke umar gavaayee hai
bheed to hai par bheed ke bheetar,
nashtar see taanhaayee hai
jhooth ka munh kaala karte hain,
sach kee vakaalat karte hain
rolee chandan tilak lagaakar,
nayee rivayat karte hain.

dava nahin to dua baant lo,
gam ka bhee kuchh hissa ho
aaj chaar ko gale lagaaya,
aisa bhee kuchh kissa ho
ishq karen to khuda milega,
rashk ko laanat karte hain
rolee chandan tilak lagaakar,
nayee rivayat karte hain.

aao naye saal me apanee,
rangat sangat badlen ham
katra katra noor hansega,
bastee jannat kar len ham
maulik hasti ho almastee,
Khud pe inaayat karte hain
rolee chandan tilak lagaakar,
nayee rivayat karte hain.

आपको नववर्ष पर गीत कितना पसंद आया अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें। धन्यवाद

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