एंकरिंग शायरी-पार्ट 4, Anchoring shayari, मंच संचालन शायरी

एंकरिंग शायरी-Anchoring shayari

 

एंकरिंग शायरी की श्रृंखला में प्रस्तुत है एक और anchoring shayari का संग्रह। आशा है कि आपके मंच संचालन में यह उपयोगी साबित होगा।

एंकरिंग शायरी पार्ट 4

अपना मसीहा और प्रणेता बना लिया
हरदिल अज़ीज़ और चहेता बना लिया
शुभकामनायें दिल से मेरी आप लीजिये
सारे शहर ने आपको नेता बना लिया।

मौसम की बेरुख़ी थी मगर रुत बदल गई
महका गुलाब खार की किस्मत बदल गई
जो आप ना होते तो ये महफ़िल नहीं होती
सोहबत जो आपकी मिली रंगत बदल गई।

घटा की आँख से काजल चुरा के लाया हूँ।
गगन के छोर से बादल चुरा के लाया हूँ
चुरा के लाया समंदर से हसरतों का नशा
मैं आज इश्क़ की महफ़िल चुरा के लाया हूँ।

हर फ़िक्र भूल करके ज़रा मुस्कराईये
हम आयें ज़रा पास-आप पास आइये
गिरने दो आज इश्क़ के दरिया में मेहरबां
कुछ डूब जाने दीजिये कुछ डूब जाइये।

मदमस्त इत्र ले के हवायें मचल गईं
गुलशन की कोर कोर पे शबनम पिघल गई।
लो धूप मिली चाँद से के शाम हो गई
यह शाम सरेआम इश्क़ में बदल गई।

हाथों में लकीरों को बनाकर चले हैं हम
कंधों पे आसमान उठाकर चले हैं हम
कह दे कोई जाकर घनी रातों के तमस को
सूरज हथेलियों पे उगाकर चले हैं हम।

विश्वास ज़रा पास रखोगे तो मज़ा है
आभास दिल मे ख़ास रखोगे तो मज़ा है
वह आसमान ख़ुद ब ख़ुद मुट्ठी में आयेगा
उम्मीद बेहिसाब रखोगे तो मज़ा है।

इतना चले हैं तेज बहुत दूर हो गये
ना जाने कब ये रास्ते गुरुर हो गये
अपनों से हाँथ जबसे छुड़ाकर चले हैं हम
तन्हाइयों में रहने को मजबूर हो गये।

जो दूसरों को सम्मान देना नहीं जानते
कितना भी कर दो एहसान नहीं मानते
ऐसे लोगों से हो सके तो दूर ही रहना
जो इंसान को कभी इंसान नहीं मानते।

ये लफ़्ज़ों के नुकीले तीर हैं, गहरा असर होता
ज़हर चाँदी के प्यालों में, भरो फिर भी ज़हर होता
नज़ाकत से हमेशा पेश, आओ अपनेे लोगों से
अगर घर मे ना हों अपने, तो घर भी घर नहीं होता।

यहीँ मिलतीं दुआयें हैं, यहीं दिल की दवा मिलती
यहीँ पर शाम मिलती है, यहीं नूरे शबा मिलती।
कि हम दिल से सुनायें और, सब श्रोता सुनें दिल से
यहीं पर लोग हैं ऐसे, यहीँ ऐसी सभा मिलती।

 

👇 ये भी पढ़ें 👇

◆एंकरिंग शायरी मंच शायरी-पार्ट 1

◆एंकरिंग शायरी मंच शायरी-पार्ट 3

Anchoring Shayari- Part 4

apna maseeha aur
praneta bana liya
hardil azeez aur
chaheta bana liya
shubh kaamnayen dil se
meri aap lijiye
saare shahar ne aapko
neta bana liya.

mausam ki berukhi thi
magar rut badal gayee
mahka gulaab khaar ki
kismat badal gayee
jo aap na hote to ye
mahfil nahin hoti
sohbat jo aapaki mili
rangat badal gayee.

ghata ki aankh se kaajal
chura ke laaya hoon
gagan ke chhor se baadal
chura ke laaya hoon
chura ke laaya samandar se
hasraton ka nasha
main aaj ishq ki mahfil
chura ke laaya hoon.

har fikra bhool kar ke
zara muskaraaiye
ham aayen zara paas
aap paas aaiye
girne do aaj ishq ke
dariya me meharban
kuchh doob jaane dijiye
kuchh doob jaaiye.

madamast itra le ke
havayen machal gayeen
gulshan ki kor kor par
shabnam pighal gayee
lo dhoop milee chaand se
ke shaam ho gayee
yah shaam sare-aam
ishq me badal gayee.

haathon me lakiron ko
banakar chale hain ham
kanddhon pe aasmaan
uthakar chale hain ham
kah de koi jaakar ghani
raaton ke tamas ko
sooraj hatheliyon pe
ugaakar chale hain ham.

vishvaas zara paas
rakhoge to maza hai
aabhaas dil me khas
rakhoge to maza hai
vah aasmaan khud ba khud
mutthi me aayega
Ummeed behisaab
rakhoge to maza hai.

itana chale hain tej
bahut door ho gaye
na jaane kab ye raaste
gurur ho gae
apno se haanth jabse
chhudakar chale hain ham
tanhaiyon me rahne ko
mazboor ho gaye.

jo doosron ko sammaan
dena nahi jaante
kitna bhi kar do
ehsaan nahi maante
aise logon se ho sake to
door hi rahana.
jo insaan ko kabhi
insaan nahi maante.

ye lafzon ke nukeele teer
hain gahra asar hota
zahar chaandi ke pyaalon me
bharo phir bhee zahar hota hai
nazaakat se hamesha
pesh aao apane logon se
agar ghar me na ho apana
to ghar bhi ghar nahi hota.

yaheen milteen duayen hain
yaheen dil kee dava miltee
yaheen par shaam miltee hai
yaheen noor ye shaba miltee
ki ham dil se sunayen aur sab
shrota sunen dil se
yaheen par log aise hain
Yaheen aisi sabha miltee.

Similar Posts:

loading...
Please follow and like us:

Comments

  1. By Sweta sinha

    Reply

    • Reply

  2. By Nitu Thakur

    Reply

    • Reply

  3. By Jyoti

    Reply

अगर आप लेखक, कवि, शायर या कहानीकार हैं और अपनी कलम का जादू दुनिया के सामने लाना चाहते हैं तो आप अपनी रचनायें (creations), आर्टिकल्स (articles), कहानियाँ (stories) हमें [email protected] पर मेल करें। हम उसे आपके नाम से प्रकाशित करेंगें लेकिन आपकी रचनायें या लेख पत्रिका, ब्लॉग, अख़बार या किसी वेबसाइट पर प्रकाशित नहीं होनी चाहिये अथवा कहीं से कॉपी की हुई नहीं होनी चाहिये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!