आभार भाषण ड्राफ्ट Archive

भाषण की शुरुआत कैसे करें। भाषण देने की प्रभावी तकनीकें। माइक पर बोलने की तकनीकें। how can you start your speech in hindi

  आप लोगों ने देखा होगा कि हमारे आसपास ऐसे कई लोग होते हैं जो बहुत बातूनी (talkative) होते हैं। वो चुप ही नही होते। सच तो ये है कि दुनिया मे ऐसा कोई भी नहीं है जो चुप रहना चाहता है। आप सबने ख़ूब पढ़ा होगा-सुना होगा कि एक अच्छे श्रोता बनें! सुनना कठिन

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण स्क्रिप्ट। स्वतंत्रता दिवस के आयोजन पर मुख्य अतिथि/कार्यक्रम अध्यक्ष का भाषण । 15 अगस्त पर भाषण स्क्रिप्ट । मुख्य अतिथि का भाषण। कार्यक्रम अध्यक्ष का भाषण ड्राफ्ट

मंच पर विराजमान आज के कार्यक्रम अध्यक्ष…….जी, माननीय विशिष्ट अतिथि……….जी एवम प्रिय देशवासियों। आप सबको आज़ादी के पर्व स्वन्त्रता दिवस की ह्र्दय से बहुत-बहुत बधाईयां-शुभकामनायें प्रेषित करता हुँ। मित्रों, आज हम आज़ादी के पावन महोत्सव को मनाने के लिये एकत्रित हुये हैं। आज हम तिरंगे को और उत्तंग ऊँचाई पर स्वच्छन्दता से फहराने के लिये

अतिथि स्वागत शायरी/आभार शायरी । Guest Shayari/Gratitude’s Shayari

कौन कहता है कि रिश्तों में जलन कड़वाहट बसती है हमारे ग्रुप में आकर देखो यहाँ केवल सौगात बटती है कार्यक्रम को भव्य सफलता दिलाकर आपने बता दिया है कि हमारे दिलों में सिर्फ और सिर्फ मोहब्बत बसती है। हथेली पर सूरज उग आता है सुना था आज देख लिया उम्मीद मिल जाए तो मन

आभार सन्देश ड्राफ्ट-1/Aabhar Sandesh draft-1

    Draft-A   स्नेहिल स्वजनों,   आज पुनः यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हमारे बार्षिक कार्यक्रमो का एक बड़ा आयोजन…………………….का कार्यक्रम सफलता का एक बड़ा इतिहास बनाते हुए सम्पन्न हो गया है। कितनी भी ऊहापोह रही परन्तु मुझे अपने ग्रुप के कर्मठ पदाधिकारियों, कार्यकारिणी एवम प्रतिबध्दत कार्यकर्ताओ पर कभी भी संदेह

आभार प्रदर्शन भाषण-2/Aabhaar pradarshan bhashsan draft-2

  स्नेहिल सदस्यगण, आज मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही कि हमारी संस्था…………………..का बड़ा आयोजन प्रतिवर्ष एक सामूहिक बड़ी यात्रा का आज सुखद समापन हो गया है। पूर्व नियोजित योजना, एक अप्रतिम स्थान का चयन, एक बड़ा होमवर्क, विशिष्ट पूर्व तैयारियाँ एवम सभी गणमान्य दम्पति सदस्यों की सुविधा एवम सुगमता का ध्यान रखना ऐसे विभिन्न प्रकार

अध्यक्षीय भाषण ड्राफ्ट/Adhykshiya Bhashan draft

    हमारे संचालक द्वय………………….जी और……………………जी को बहुत बहुत धन्यवाद। मंचासीन गण मान्य विभूतियों को समर्पित इन चार पंक्तियों के साथ मै अपनी बात शुरु करना चाहूंगा कि.  .    ‘कहाँ हैं ऐसे लोग जो निस्पृह रण में जूझने जाते हैं परहित में निजहेतु त्यागकर प्यार बाँटते जाते हैं आशाओं के पुष्प पल्लवित होते इन्हीं मालियों

होली मिलन कार्यक्रम का आभार भाषण-3/Holi milan karykram ka aabhar bhashan

‘ श्याम सलोने राधा गोरी बरसाने का हुल्लड़ था रंग रंगीले फगुआ होली शहरों वाला अल्हड़ था जब रंग बरसा झूम गये सब धूम मची थी नगरी में भक्त मगन थे पी के नाचे अमृत वाला कुल्हड़ था   अभी तक एक स्वप्न सा प्रतीत होता है कि होली मिलन का कार्यक्रम इतना अभिनव एवम