मंच संचालन स्क्रिप्ट-गणतंत्र दिवस। manch sanchalan script- Republic Day

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है लिए हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर,
और हम तैयार हैं सीना लिए अपना इधर.
ख़ून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्क़िल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है 

एंकर मेल– आज के इस निज़ता एवम आज़ादी के जश्न में, मैं………………….हमारे इस (स्कूल/कॉलेज/संस्थान का नाम) में पधारे हमारे हर खासो-ओ-आम का बहुत बहुत स्वागत करता हूँ-जय हिंद कहता हूँ।

मैं हमारे सभी विशिष्ट अतिथियों, समाजसेवियों, हमारे गुरुजनों, सभी पधारे हुए आज़ादी के दीवानों और हमारे साथियों को हमारे (स्कूल/कॉलेज/संस्थान का नाम) की तरफ से गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें प्रेषित करता हूँ-बधाइयाँ देता हूँ। 

 

एंकर फीमेल– जी हां साथियों, बधाई इस बात के लिये कि हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं, बधाई इस बात की, कि हम किसी को अपनी निज़ता का हिसाब नहीं दे रहे हैं। बधाई इस बात की इस देश की रज-रज, कण-कण हमें आशीर्वाद दे रहे हैं।

• देशभक्ति पर शायरी 

• श्री गणेश वंदना 

• अतिथि स्वागत गीत 

• मंच संचालन शायरी

• माँ सरस्वती वंदना-2

 

 

शुभकामनाएं इसलिये कि हमने लगभग 200 साल की परतंत्रता सहन करने के बाद यह अनमोल आज़ादी की फ़िज़ा पाई है।

और यह आज़ादी, यह अपनी पसंद से जीने का अधिकार हमें सदा प्राप्त हो ऐसी शुभकामनाओं के साथ मैं…………………..हमारे (स्कूल/कॉलेज/संस्थान का नाम) की तरफ से आप सब देशभक्तों का इस आज़ादी के जश्न में स्वागत करती हूँ-वंदे मातरम कहती हूँ।

 

वतन पर मर-मिटने के ज़माने गुज़र गए,
मज़ा तो अब इसके लिए जीने में है। 

अपनी आज़ादी अपनी संप्रुभता के लिए एक बार जोरदार तालियों बजा दीजिये। धन्यवाद। 
एंकर मेल-जी हाँ साथियो, ये जो हमारे अमर शहीदों ने बलिदानों के बीज इस मातृभूमि पर रोपे थे, आज उनकी टहनियों पर मदमदाते फूल खिल आये हैं। इन फूलों की महक इस देश में ही नहीं सारे संसार में फैले, इस कामना के साथ आइये आज के इस महोत्सव का शुभारंभ करते हैं। 

 

इक चमक ताब इक मदहोशी, हर आलम चंगा होता है
इक हूक हुमकती आँखों में, हर कतरा गंगा होता है
दिल में मतवाली मौज पले, मन सात आसमाँ छूता है
जब जब अपने इन हाथों में, लहराता तिरंगा होता है 

 

 

तो आइये मित्रो सर्वप्रथम हम अपनी आन-बान-शान के प्रतीक हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का रोहण करने का शुभ क्रम प्रारंभ करते हैं ।

मैं आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि (पद एवम संस्थान का नाम) श्रीमान ………………….जी से और कार्यक्रम अध्यक्ष (पद एवम संस्थान का नाम)………………. जी से विनम्र अनुरोध करता हूँ कि वो आयें और ध्वजारोहण का पवित्र क्रम संपन्न करें ।

मैं अपने वरिष्ठों से अनुरोध करता हूँ कि वो हमारे डिगनिटीज़ को सहायता प्रदान करें। 

 

ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगीत गायन। 

 

हमारा तिरंगा विश्वविजयी हो ऐसी कामना के साथ एक बार जोरदार तालियाँ बजा दीजिये। बहुत-बहुत धन्यवाद। 

 

 

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