कविता-ये आँसु बेसबब क्यों/Kavita-Ye aasu besabab kyon

Buy Ebook

रोमांटिक कविता इन हिंदी – पढिये मेरी कलम से निकलीं  3 बहुत ही रोमांटिक कवितायें। यह आर्टीकल रोमांटिक कविता इन हिंदी आपके दिल को ज़रा सा भी छू जाये तो प्रयास सार्थक हो जायेगा। 

मीठे अहसास की कविता, प्यार हो जाने पर कविता, पहले प्यार की कविता, poem in falling love, poem in being love, hindi love Poems, love Poems for him in hindi, रोमांटिक कविता, तकरार की कविता, बिछुड़न की कविता, रोमांटिक प्रेम कविता, रोमांटिक कविता, प्रेमिका पर कविता, सुंदर कविता लाइनों, दिल पर कविता, सच्चे प्यार पर कविता, प्रेम कविता हिंदी, प्रेम भरी कविता, रोमांस पर कविता, बिछोह पर कविता, नाराजगी पर कविता, तकरार की कविता, ब्रेकअप कविता, रूठने मनाने की कविता, रोमांटिक सॉरी कविता, इजहार की कविता, इकरार की कविता, प्रोपोज़ की कविता, प्यार मोहब्बत की कविता,प्यार मोहब्बत की कविताएं, प्यार में होने की कविता, तड़प पर कविता, तड़प की कविता, दर्द भरी कविता, प्यार में दिल टूटने की कविता, रोमांटिक कविता इन हिंदी, हिन्दी कविताएँ चुनिन्दा, प्रसिद्ध हिंदी कविताएँ, सच्चा प्रेम कविता, दर्द भरी कविताएँ, प्रेमिका को मनाने की कविता, लवर को मनाने की कविता, रोमांस कविता, प्यार में ज़द्दोज़हद की कविता, अमित मौलिक, अमित मौलिक की कविताएं, अमित जैन मौलिक की कविताएं, अमित मौलिक पोएम, कवि अमित मौलिक, kavi amit molik, kavi amit maulik, amit molik ki kavita,

रोमांटिक कविता इन हिंदी

ये आँसू बेसबब क्यों !

 ये आँसु
बेसबब क्यों
जब कुछ
सहा ही नहीँ
क्या सुन लिया
तुमने
हमने तो कुछ
कहा ही नहीँ,
ह्रदय को
पुष्ट करो
अहम को
दुरुस्त करो
पीड़ा दर्शानी
नहीँ पड़ती
कुछ चीजें
अपनों को,
समझानी
नहीँ पड़ती
सच कहो
यूँ ना रहो
छुआ क्या है
तुम्हें सौगंध है
बताओ मुझे
हुआ क्या है! 

 

ये भी पढ़ेंमुहब्बत का गीत। love song

ये भी पढ़ें: रोमांटिक कविता दिल की बात

ये भी पढ़ें: जुदाई की कविता ‘काश’

 

रोमांटिक कविता इन हिंदी

नहीं तो रह जायेंगे

भरोसा है तो आओ 
और खो जाओ 
लेकिन
तकनीक से नहीँ
कामनाओं से,
तंद्रा से नहीँ
भावनाओं से,
निर्भीक हो कर
खो कर
बातें करो हमसे
बराबर से
खुले मन से
बिना तर्क के
बिना शर्त के,
तभी कुछ मौलिक पायेंगे
नहीँ तो रह जायेंगे
जैसे रहते आये हैं
जीते आये हैं,
निर्णय तुम्हारा है
जो भी होगा
सदा ही स्वागत है। 

 

रोमांटिक कविता इन हिंदी

तुम तो सोमरस का चूर्ण हो

तुम अनिर्वचनीय हो
तुम अकथनीय हो
तुम्हारे विषय में
बोला नहीं जा सकता
तुममें केवल घुला जा सकता है
तुम्हें केवल घोला जा सकता है।
कुछ तुच्छ प्रयास करूँ
अनुमति हो तो थोड़ा कुछ कहूँ,
मुझे तो तुम
सप्त सिंधु का किनारा लगती हो
हिमालय की तलहटी से
निकली गंगा की धारा लगती हो
मोहन की राधा की बलैया लगती हो
छज्जे पर भूल वश
आ बैठी गौरैया लगती हो
मरुस्थल में शीतल पवन की
लहर जैसी लगती हो
जाड़े में गुनगुनी दोपहर लगती हो
जितना कहूँ उतनी नादानी होगी
सबकी सब बातें बेईमानी होंगीं।
तुम तो सोमरस का चूर्ण हो
अपने आप में ही परिपूर्ण हो
बस मुझे यूँ ही मोहित रहने दो
गेसुओं में गजरे की मानिंद,
सुशोभित रहने दो
दुआ है कि तुम यूँ ही
अलौकिक नूर से आलोकित रहो
प्रिय, यदि संभव हो तो तुम भी
थोड़ा सा मुझ पर मोहित रहो।

कमेंट करके अवश्य बतायें कि यह आर्टीकल रोमांटिक कविता इन हिंदी आपको कैसा लगा। 

Similar Posts:

Please follow and like us:

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!