कश्मीर में सेना के जवानों से हुई बदसलूकी पर आक्रोश जताती कविता। Poem against Indian army being insulted in Kashmir by some kashmiris.

  नहीं है पहनी चुड़ियाँ हमने, रण कंकण बाँध के रखते है। देश के सम्मान के खातिर, नरमुंड तैय्यार भी रखते है।। वीर सिपाही हम बाजू में आग, सीने में फौलाद रखते है। हम निडर प्रहरी भारत माता के, चरणों का मान रखते है।।   ये भी पढ़ें-देशभक्ति की कविता ये भी पढ़ें-पद्मावती विवाद पर

बाबा साहेब डॉ अंबेडकर जयंती पर मंच संचालन स्क्रिप्ट । Anchoring script for ambedkar Jayanti

  भारत रत्न, प्रखर मर्मज्ञ, संविधान प्रणेता माननीय बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर मैं……………. संस्था …………..की तरफ से आप सब को हृदय से शुभकामनायें देता हूँ-बधाइयाँ प्रेषित करता हूँ। मित्रो आज का यह दिन, महज़ एक सामान्य दिन नहीं है। आज के दिन संपूर्ण विश्व की, अपने समय की सिरमौर हस्ती, डॉक्टर

मंच संचालन के 10 महत्वपूर्ण नियम-पार्ट 2 । Anchoring ke 10 important rules -part 2

    अगर आप एक anchor के रूप में प्रतिष्ठित हैं तो यह post आपके लिये बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। यह post मेरे पिछले लेख मंच संचालन के 10 महत्वपूर्ण नियम का अगला भाग है। पिछले post में मैंने पूर्व नियोजित मंच संचालन (planned Anchoring) करने की technics के बारे में 10 tips

रोमांटिक गीत-ख़ुशामद । Romantic geet-khushamad । प्यार में तकरार की नज़्म । शिकवे शिकायत की नज़्म

ख़्वाहिशें और थीं हाल हैं कुछ ज़ुदा सूरतें किस्मतों की बदलती नहीं थक गये हम दुआ मांगते मांगते हाथ की कुछ लकीरें बदलती नहीं हमने सुन लीं हैं ढेरों नसीहत है गज़ब की तुम्हारी शरीयत गर्क हो जायेंगे हम तुम्हारी कसम बेरहम ये नजीरें बदलती नहीं आपको आपकी साफगोई क्या कहूँ हर दफ़ा आँख रोई

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर हाहाकारी कविता । UP CM yogi adtiyanath par hahakaari Kavita

  अब भगवा कहो या केशरिया, सर चढ़कर के रंग बोला है उत्तर ने उत्तर खोज लिया, यू पी योगी संग डोला है  आवाम घरों से निकल पड़ी, यूपी भगवा रंगी कर दी गुलफ़ाम ख़लीफ़ा जितने थे, तवियत उनकी चंगी कर दी दुर्दिन दशकों के सुलग उठे, इक धुवाँ गगन पर छाया है आक्रोश दिलों

कविवर भूधरदास जी कृत बारह भावना। Kavivar Bhudhar das ji krit barah bhawana

                    बारह भावना राजा राणा छत्रपति, हाथिन के असवार । मरना सब को एक दिन, अपनी-अपनी बार ॥ दल बल देवी देवता, मात-पिता परिवार । मरती बिरिया जीव को, कोऊ न राखन हार ॥ दाम बिना निर्धन दुखी, तृष्णा वश धनवान । कबहूँ न सुख संसार

संत जैन आचार्य 108 श्री विद्यासागर महाराज जी पर कविता। sant Jain Acharya 108 Shri Vidyasagar Maharaj ji par poem

 चित्र साभार-vidyasagar.net   -आचार्य श्री के चरणों में 4 पंक्तियाँ- कैसे कह दूँ क्यों बहती हैं, मैं क्या जानूं क्या कहती हैं होकर बे-होश बहक जातीं, भीगी-भीगी सी रहती हैं भगवान अगर यूँ मिल जायें, कोई कैसे ना बेसुध हो गुरुवर को देख छलक जातीं, अखिंयां मेरी रो पड़ती हैं।   -आचार्य श्री विद्यासागर जी

होली मिलन कार्यक्रम का आमंत्रण ड्राफ्ट । invitation draft sample of holi milan function

    रंग बिरंगी दुनिया लाये, संग उमंगों के संजोग लाल हरे कुछ नीले पीले, नारंगी मतवाले लोग होली पर खुशियां भी होलीं, छैल छबीलीं गुलनारीं खुशियों वाले रंग लगाने, आये हैं दिलवाले लोग   स्नेही स्वजनों, आप सबको होली की रंग भरी शुभकामनायें.. मित्रो, रंगों का खूबसूरत कारवाँ किसे नहीं लुभाता। रंगों का निर्माण

अतिथि स्वागत शायरी । मंच संचालन शायरी । दीप प्रज्जवलन शायरी । Guest Shayari । stage Shayari । Deep prajjwalan Shayari

    अतिथि स्वागत शायरी फूल दरख्तों पर खिले हुये कम ही देखे हैं हमने तो नज़र नज़र केवल गम ही देखे हैं आप ऐसी तासीर कहाँ से पाये हैं ज़नाब हमने हमेशा मुस्कराने वाले कम ही देखे हैं जगमोहन सी बातें करके, लूट लूट ले जाते हैं सौगातों की झोली भर कर, प्यार बांटते

रोमांटिक शायरी ‘कम पढ़ा होता’ । Romantic shayari ‘kam padha hota’

    दिलों में बवाल होंठों पर सवाल रक्खो ज़माना टेढ़ा है तुम भी टेढ़ी चाल रक्खो आखिरी हिचकी है बाक़ी तू अभी रहने दे आखिरी दांव लगायेंगे लगाने वाले पूछ कर हाल बतायेंगे ज़माने भर को ये तमाशा भी बनायेंगे बनाने वाले हमने सूरज भी बनाया है जलाया बरसों वो चिरागों को हैं खैरात