Matdaata jaagrukta par kavita-मतदाता जागरूकता पर हिंदी कविता । जागो मतदाता जागो पर कविता। देशभक्ति कविता | उड़ती बात

Matdaata jaagrukta par kavita-मतदाता जागरूकता पर हिंदी कविता । जागो मतदाता जागो पर कविता। देशभक्ति कविता

Buy Ebook

मतदाता जागरूकता पर हिंदी कविता – देश में चुनावी माहौल है और मतदाता के काँधों पर सही उम्मीदवारों को चुनने की महती ज़िम्मेदारी होती है जिससे एक सही सरकार का गठन किया जा सके। प्रस्तुत है मतदाता जागरूकता पर हिंदी कविता पढें और मतदाता के रूप में जागरूक हों और अन्यों को जागरूक करें।

मतदाता जागरूकता पर हिंदी कविता, हिंदी कविता देश का हाल, hindi Kavita Desh ka haal, सामाज़िक कविता, हिंदी कविता, जागरूकता पर कविता, मतदाता जागरूकता पर  कविता, देश पर कविता, जागो मतदाता जागो, curruption par poem in hindi, hindi poem on curruption, राजनैतिक भ्रस्टाचार पर कविता इन हिंदी, भ्रस्टाचार पर कविता इन हिंदी, मतदाता जागरूकता दिवस पर कविता, voter awareness day 25th January, मतदाता जागरूकता कविता इन हिंदी, matdata jagrukta kavita in hindi, भ्रष्ट राजनीति पर कविता, भ्रष्ट नेताओं पर कविता, भ्रस्टाचार पर व्यंग्यात्मक कविता, वर्तमान भारत पर कविता, देश के चिंताजनक हालात पर कविता, ख़तरे में है लोकतंत्र कविता, आज की डेमोक्रेसी पर कविता, भ्रष्ट राजनेताओं पर कविता,

मतदाता जागरूकता पर हिंदी कविता

अगर याद हो धूप शरद की, अंगारों सी लगती थी
अगर याद हो हवा बसंती, नश्तर जैसी चुभती थी।

अगर याद हो अन्न का दाना, हलक से नहीं उतरता था
अगर याद हो अंतर्मन में, ज्वालामुखी उबलता था।

भूल गये हम घाव पुराने, दशकों हमने खाये थे
हम पर घुटना रखकर, गोरे अस्मत लूटने आये थे।

कौन करेगा गिनती अब, कितनों ने जान गवाईं थी
देश की ख़ातिर शीश कटाये, गोली दिल पर खाई थी।

मुदित देश था आज़ादी पर, अब जनसत्ता आयेगी
देश की गाड़ी देश की जनता, आंगें स्वयं चलायेगी।

प्रजातन्त्र का स्वर्णिम सपना, आँखों आँखों डोला था
पूर्ण स्वराज का नारा जमकर, सबके सर चढ़ बोला था।

ये भी पढ़ें 

◆देश भक्ति कविता-हमसे ना ये होता है

◆तिरंगे पर चार लाइन शायरी

लेकिन किसको था गुमान, यूँ अपने हमको लूटेंगें
जिन्हे भाग्य की डोर थमाई, वही गले को घोंटेगें।

होंठों से ‘हे राम’ कहा था, जाते जाते गांधी ने
शायद उनको अंदाजा था, देश उड़ेगा आंधी में।

उड़ा उड़ा भरपूर उड़ा है, धुँवा सुलगते सपनों का
देश जाय दोज़ख में लेकिन, काम बने बस अपनों का।

बाँट बाँट कर राज करो की, चाल फिरंगी अपनाकर
वोट बैंक में देश बाँटकर, दशकों सत्ता कब्जाकर।

जिनको सौंपी सत्ता उनने, ख़ंजर है दिल पर भौंका
दशकों चांटी ख़ूब मलाई, मांग रहे हैं फिर मौंका।

रखवाली को छोड़ बाढ़ जब, फसल खेत की खाती है
देर सबेरे देश की जनता, वाज़िब सबक सिखाती है।

सांप लोटते हैं दिल पर अब, ऑंखें फट फट जातीं हैं
एक अकेले दीवाने की, ज़िद उनको तड़पाती है।

ख़ुद तो हद की मक्कारी की, काम धाम कुछ किया नहीं
काम हो रहा देख देख अब, जाता उंनसे जिया नहीं।

भूल जाओ ऐ नादानों कि, देश तुम्हें अवसर देगा
बन्द हो गई घड़ी तुम्हारी, वक़्त नया कल देखेगा।

अब जाकर तो निकले हैं, अरमान हज़ारों ज़िंदा थे
अब तक अपने मतदानों से, हम बेहद शर्मिंदा थे।

नज़र टिकी है वापिस हम पर, फिर से आज ज़माने की
अब आशायें मचल उठीं हैं, हिंदुस्तान बनाने की।

कदम उठा है नहीं रुकेगा, भारत नया बनायेंगे
तन प्रण जान लगाने वाले, फिर से चुनकर आयेंगे।

खण्ड खण्ड इस देश का नक्शा, अब हमको मंज़ूर नहीं
बनने वाला है अखण्ड, भारत अब दिल्ली दूर नहीं।

रवि का प्रखर प्रताप धरा को, अभी देखना बाकी है
पूरा अब चलचित्र चलेगा, ये तो मौलिक झांकी है।

मतदाता जागरूकता पर हिंदी कविता, हिंदी कविता देश का हाल, hindi Kavita Desh ka haal, सामाज़िक कविता, हिंदी कविता, जागरूकता पर कविता, मतदाता जागरूकता पर  कविता, देश पर कविता, जागो मतदाता जागो, curruption par poem in hindi, hindi poem on curruption, राजनैतिक भ्रस्टाचार पर कविता इन हिंदी, भ्रस्टाचार पर कविता इन हिंदी, मतदाता जागरूकता दिवस पर कविता, voter awareness day 25th January, मतदाता जागरूकता कविता इन हिंदी, matdata jagrukta kavita in hindi, भ्रष्ट राजनीति पर कविता, भ्रष्ट नेताओं पर कविता, भ्रस्टाचार पर व्यंग्यात्मक कविता, वर्तमान भारत पर कविता, देश के चिंताजनक हालात पर कविता, ख़तरे में है लोकतंत्र कविता, आज की डेमोक्रेसी पर कविता, भ्रष्ट राजनेताओं पर कविता,

Matdaata jaagrukta par kavita

Agar yaad ho dhoop sharad kee,
angaaron see lagtee thi
agar yaad ho hava basantee,
nashtar jaisi chubhtee thi.

agar yaad ho ann ka daana,
halak se nahin utarta tha
agar yaad ho antarman me,
jvaalaamukhee ubalta tha.

bhool gaye ham ghaav puraane,
dashkon hamne khaaye the
ham par ghutna rakhkar,
gore asamat lutne aaye the.

You may read also

◆poem on voter awareness in hindi

kaun karega gintee ab,
kitnon ne jaan ganwayee thi
desh ke khatir sheesh kataaye,
golee dil par khayee thi.

mudit desh tha aazaadi par,
ab jansatta aayegee
desh ki gaadi desh kee janta,
aange svayam chalaayegee.

Prajatantra ka svarnim sapna,
aankhon aankhon dola tha
poorn svaraaj ka naara zamkar,
sabke sar chadh bolaa tha.

lekin kisko tha gamaan,
yoon apane hamko lootenge
jinhen bhaagya ki dor thamayee,
wahi gale ko ghontenge.

honthon se ‘he ​​raam’ kaha tha,
jaate jaate gaandhi ne
shaayad unko andaaja tha,
desh udega aandhee me.

uda uda bharpoor uda hai,
dhunwa sulagte sapnon ka
desh jaay dozakh me lekin,
kaam bane bas apnon ka.

baant baant kar raaj karo ki,
Chaal firangee apnaakar
vot baink me desh baantkar,
dashkon satta kabjaakar.

jinko saunpi satta unne,
khanzar hai dil par bhaunka
dashkon chaantee khoob malaayee,
maang rahe hain fir maunkaa.

rakhvaalee ko chhod baadh jab,
fasal khet ki khaatee hai
der sabere desh ki janta,
vaajib sabak sikhatee hai.

saanp lotte hain dil par ab,
aankhen fat fat jaateen hain
ek akele deewaane kee,
zid unko tadpaatee hai.

Khud to had ki makkaari ki,
kaam dhaam kuchh kiya nahin
kaam ho raha dekh dekh ab,
jaataa unse jiya nahin.

bhool jaao ye naadaano ki,
desh tumhen avsar degaa
band ho gayee ghadi tumhaari,
waqt nayaa kal dekhega.

ab jaakar to nikle hain,
armaan hajaaron zinda the
ab tak apane matdaanon se,
ham behad sharminda the.

nazar tiki hai vaapis ham par,
fir se aaj zamaane ki
ab aashaayen machal utheen hain,
hindustaan banane ki.

kadam utha hai nahi rukega,
bhaarat naya banaayenge
tan pran jaan lagaane vaale,
fir se chunkar aayenge.

khand khand is desh ka naksha,
ab hamko manzoor nahin
banne vaala hai akhand,
bhaarat ab dilli door nahin.

ravi ke prakhar prataap dharaa ko,
abh i dekhna baakee hai
poora ab chal chitra chalega,
ye to maulik jhaankee hai.

इस आर्टिकल मतदाता जागरूकता पर हिंदी कविता पर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें। 

Similar Posts:

Please follow and like us:

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!