गीत ‘किसके लिये’/Geet ‘kiske liye’

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गीत

 तेरी मेहरबानी किसके लिये 
तेरी कदरदानी किसके लिये 
कोई तो होगा मीत तेरा 
शाम सुहानी किसके लिये 

 बात नहीं कुछ आस नहीं कुछ 
खोने को अब पास नहीं कुछ 
यूँ ही परेशां रहता हूँ मैं तो 
तुझसे मुहब्बत ख़ास नहीं कुछ
प्रेम कहानी किसके लिये
ये मनमानी किसके लिये 
कोई तो होगा मीत तेरा 
शाम सुहानी किसके लिये 

 सीने में जैसे कोई चुभन हो 
लगता है जैसे बोझिल मन हो 
किससे कहें हम कौन है मेरा 
जो मेरा हो जो हमदम हो
आँखो का पानी किसके लिये
ये ज़िन्दगानी किसके लिये
कोई तो होगा मीत तेरा
शाम सुहानी किसके लिये 

गीत

सजनी तुम सुरमई सावन हो
मधुरितु मधुवन मनभावन हो

कोंपल कोंपल योवन की लहक
भीनी भीनी चन्दन की महक
इक सौम्य मृदुल अहसास हो तुम
तुम हिमगंगा सी पावन हो

हर काली रात चमक जाये
हर सोया भाग्य दमक जाये
हर पल उसका हो नेह भरा
तुम जिसके घर का आँगन हो

 

 

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