2 रुमानियत से भरी मदमस्त ग़ज़लें। प्यार पर ग़ज़लें । Love Ghazals । रोमांटिक ग़ज़ल इन हिंदी । पहले प्यार पर ग़ज़लें

दो ख़ूबसूरत रूमानी ग़ज़लें । 2 Very Romantic gazals

ग़ज़ल-किस्से

लेकर तारे चाँद सुहाना, तेरे आंगन खिलता है।
सारे किस्से हमें पता है, गुलशन में क्या चलता है।

धूप धुत्त हो छांव में लेटी, तेरे घने गेसुओं की
रोज दुपहरी सूरज कुढ़ता, राहदरी में मिलता है।

जुट्ट बना कर क्यारीं आयें, नंदन वन के केशर कीं
शोख़ कपोलों को छू छू कर, चंदन रंग बदलता है।

नीम निम्बूरी मीठी करदे, जामुन सुरमइ हो जाये
नरम हुये अमरूद, तुम्हारा टोना सब पर चलता है।

चंद लटें गालों पर आकर, झौंकों को उकसाती हैं
मुठभेड़ों का रोज़ मुआमला, संभले नहीं संभलता है।

 

Gazal-kisse

Lekar taare chaand suhaana,
tere aangan khilta hai
saare kisse hamen pata hai,
gulashan mein kya chalta hai.

dhoop dhutt ho chhanw mein letee,
tere ghane gesuon ke
roj dupahree sooraj kudta,
Raahdari mein milta hai.

jutt banaakar kyareen aayen,
nandan van ke keshar keen
shokh kapolon ko chhoo chhoo kar,
chandan rang badalta hai.

neem nimbooree meethee karde,
jaamun surmayee ho jaaye
naram huye amarood,
tumhaara tona sab par chalata hai.

chand laten gaalon par aakar,
jhonkon ko ukasaateen hain
muthbhedon ka roz muaamala,
sambhle nahin sambhalta hai.

 

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ग़ज़ल-याराना

यारी छूटी यार भी छूटा, पर याराना याद रहा।
जाना भूले लेकिन उसका, पता ठिकाना याद रहा।

झौंके मंद हवा के उठते, फूलों वाली क्यारी से
उसकी सौंधी सौंधी खुश्बू, इत्र सुहाना याद रहा।

भली भली सी भोली सूरत, हया गुलाबी याद रही
मलमल वाली पायजेब का, स्वर पहचाना याद रहा।

लज़्ज़त रहमत सौगातें थीं, उसकी कोमल आहट में
ख़ुशबू के मानिंद अचानक, छम से आना याद रहा।

बात बात पर तुनकमिज़ाजी, मनमर्ज़ी के किस्से सब
ज़रा ज़रा सी बात पे उसका, अश्क़ बहाना याद रहा।

तकिये में अरमान समेटे, कितनी रातें जागे थे
पहला पहला मीठा मीठा, प्यार पुराना याद रहा।

बित्तेभर की दुनियादारी, ग़ज़ भर लंबी टोली थी
केवल मुझको प्यार से तेरा, आप बुलाना याद रहा।

Gazal-yaaraana

yaree chhootee yaar bhee chhoota,
par yaaraana yaad raha
jaana bhoole lekin uska,
pata thikana yaad raha.

jhonke mand hava ke uthte
phoolon vaali kyaree se
uski saundhi saundhi khushboo,
itra suhaana yaad raha.

bhalee bhalee see bholee soorat,
haya gulaabee yaad rahi
malmal vaali paayjeb ka,
swar pahchaana yaad raha.

lazzat rahmat saugaaten theen,
uskee komal aahat mein
khushboo ke maanind achanak,
chham se aana yaad raha.

baat baat par tunak mizaajee,
manmarzee ke kisse sab
zara zara see baat pe uska,
ashq bahaana yaad raha.

takiye mein aramaan samete,
kitnee raaten jaage the
pahla pahla meetha meetha,
pyar puraana yaad raha.

bittebhar kee duniya daari,
gaz bhar lambi toli thi
keval mujhko pyar se tera,
aap bulaana yaad raha.

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Comments

  1. By Sweta sinha

    Reply

आपकी सराहना, आपके सुझाव और आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिये दुआओं की तरह है-नैमतों की तरह है। आपसे वार्तालाप मेरे लिये सौभाग्य का विषय है। कृपया अपने शाब्दिक उद्गार comment box में अवश्य ही व्यक्त करें। प्रतीक्षा में-अमित 'मौलिक'

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