सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रेस विज्ञप्ति लिखने के 5 नियम । How to write Press release in hindi । प्रेस विज्ञप्ति कैसे लिखें। प्रेस विज्ञप्ति लिखने की कला। प्रेस विज्ञप्ति लिखना सीखें

Buy Ebook

 

 

 

मित्रों, आज के इस लेख में हम चर्चा करेंगे कि एक अच्छी प्रेस विज्ञप्ति कैसे लिखें। प्रेस विज्ञप्ति का प्रारूप कैसा होना चाहिये। एक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रेस विज्ञप्ति लिखने के नियम क्या होते हैं।

मित्रों, हमारा देश उत्सव, जश्न, आयोजनों के लिये विख्यात है। देश मे सामाज़िक विभिन्नता अवश्य है लेकिन एक बात सर्वनिष्ठ है कि सभी समाजों में सामाजिक हितार्थ, सांस्कृतिक हितार्थ एवम धार्मिक हितार्थ संस्थाये होतीं हैं जो कि अपनी सक्रियता से समाज ही नही अपितु देश के समग्र विकास में अपना योगदान देतीं हैं।

ये संस्थायें नियमित अंतराल पर, अपने संस्थागत उद्देश्यों की पूर्ती के लिये कोई न कोई सांस्कृतिक या जनसेवा से संबंधित आयोजन करतीं रहतीं हैं। समाज, दूसरी संस्थायें एवम असंबंधित जन समूह को प्रेरणा देने के लिये तथा संस्थागत सक्रियता दर्शाने के लिये आयोजक अख़बार एवम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अपने आयोजन का एक संक्षिप्त एवम व्यवस्थित व्यौरा देते हैं जिसे प्रेस विज्ञप्ति कहा जाता है।

वैसे प्रेस विज्ञप्ति का दायरा इससे कहीं ज्यादा बृहत्तर है। राजनैतिक कार्यक्रम, सरकारी कार्यक्रम, किसी राष्ट्रीय आपदा या घटना या फिर आद्योगिक गतिविधियों के लिए तथा और भी अन्य संगठनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेस विज्ञप्तियाँ लिखीं जाती हैं। समाचार पत्रों में आंचलिक ही नही राजनैतिक घटनाओं के लिये भी प्रेस नोट इशू किये जाते हैं और ऐसे नोट समाचार के रूप में पत्र पत्रिकाओं में छपते हैं।

आज का हमारा यह लेख मुख्य रूप से सामाज़िक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिये लिखी जाने वाली प्रेस विज्ञप्ति के प्रारूप को समझने के लिये है।

ये भी पढ़ें-कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह की सूचना ड्राफ्ट

एक आदर्श प्रेस विज्ञप्ति के पांच भाग होते हैं:-

 

1-विज्ञप्ति की हैडलाइन या पहला वाक्य-यह एक ऐसा वाक्य होता है जिसे हम पूरे कार्यक्रम का सार या संक्षिप्त विवरण कह सकते हैं। इसके 6 हिस्से होते हैं। तारीख, शहर, स्थान, समय, आयोजक एवम आयोजन। विज्ञप्ति के प्रारूप के अनुसार ये 6 तत्व आपकी पहली पंक्ति में होना चाहिए। उदाहरण के लिये-

दिनांक 20 अगस्त 2017, जबलपुर के गोलबाज़ार स्थित शहीद स्मारक प्रेक्षागृह में शाम 7 बजे से, दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप नगर द्वारा स्थापना दिवस का आयोजन किया गया।

 

2-विज्ञप्ति का प्रारंभिक विवरण-इसमें समाचार का संक्षिप्त लेकिन पूर्ण विवरण देते हैं जैसे कि-

दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप नगर ने अपना 9 वां स्थापना दिवस का कार्यक्रम धूमधाम से मनाया। इस वर्ष ग्रुप के 90 सदस्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सोशल ग्रुप की राष्ट्रीय फेडरेशन के कोषाध्यक्ष श्री राकेश विनायका थे। कार्यक्रम का संचालन पंकज जैन एवम प्रीति जैन ने किया। आभार प्रदर्शन सचिव पंकज जैन द्वारा किया गया।

विज्ञप्ति के इस भाग में ध्यान रखें कि 5-7 लाइन से ज्यादा विवरण न हो। यह विज्ञप्ति का आरंभ है और इसमें कार्यक्रम का प्रसंग, प्रस्तुति विवरण, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, संचालन कर्ता एवम आभार प्रदर्शन कर्ता का उल्लेख किया जाता है।

 

3-विज्ञप्ति का मध्यभाग-इस भाग में कार्यक्रम का विवरण दिया जाता है जो कि 8-10 लाइनों में लिखा जाता है। जैसे कि-

मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कराकर मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। स्वागत क्रम के बाद ग्रुप के अध्यक्ष प्रदीप बेंटिया ने अध्यक्षीय भाषण में ग्रुप की वार्षिक गतिविधियों का व्यौरा दिया। मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में नगर ग्रुप को अन्य सामाज़िक संस्थाओं के लिये अनुकरणीय उदहारण बताया। सदस्य कलाकारों की प्रस्तुतियों के पश्चात उपाध्यक्ष संजय चौधरी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

 

4-विज्ञप्ति का अंतिम भाग– इस भाग में मुख्य कलाकारों, प्रबंधकों, पदाधिकारियों एवम कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों का उल्लेख किया जाता है। जैसे कि-

आयोजन में शहर के प्रसिद्ध विद्वान श्री के सी जैन, जैन महापंचायत के श्री संजय काश्मीर, फेडरेशन के विंध्य महाकौशल के अध्यक्ष श्री प्रवीण सिंघई, ग्रुप के सरंक्षक सुधीर जैन, अजित नायक, उपाध्यक्ष संजय सखी, कोषाध्यक्ष पराग जैन आदि उपस्थित थे। अतिथितियों एवम दर्शकों ने ग्रुप सदस्यों की मनोरम प्रस्तुतियों का आनंद उठाया और कार्यक्रम की खुले ह्रदय से सराहना की।

 

5-सावधानियां-

1-शब्द सीमा का ध्यान रखें। 700-1000 शब्द से ज्यादा न हों।

2-याद रखें समाचार की भाषा संतुलित एवम सीधी होती है। प्रशंसात्मक शब्द के प्रयोग से बचें।

3-विश्लेषण और उपमा वाली भाषा का प्रयोग न करें। जैसे महान कलाकार, चमत्कारी शख्शियत आदि।

4-जिस भाषा का अखबार हो उसी भाषा मे विज्ञप्ति लिखें।

5-भाषागत त्रुटियों का ध्यान रखें।

आशा है कि आपको यह लेख, विज्ञप्ति लिखने में सहायक सिद्ध होगा।

5 Comments

Leave a Reply