महिला संगीत के लिये मंच संचालन स्क्रिप्ट। Anchoring Script for Ladies sangeet

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उदास चेहरों पर भी
रूहानी नूर आ जाता है
ताली बजतीं रहें तो
जोश भरपूर आ जाता है
हर कलाकार का हौसला
बढ़ाते रहें बजाते रहें
तालियों से तो महफ़िल में भी
सुरूर आ जाता है।

चलिये फिर एक बार, हर हाथ ज़ोरदार तालियाँ बजाने के लिये तैयार हो जाये। ये हुई न बात। शुक्रिया।

मित्रो कार्यक्रम को गति देते हैं। और आमंत्रित करते हैं दूल्हे राजा की साली साहिबा को यानी कि दुल्हन की बहन को। एक भाव भीनी प्रस्तुति ‘भूमरो भूमरो श्याम रंग भूमरो’ लेकर आ रहीं …………को इन दो पंक्तियों के साथ मैं मंच पर बुलाती हूँ कि…

Shayari for younger sister of Bride । दुल्हन की छोटी बहन पर शायरी

मुझको इतना कम मत आंको
मैं दीदी की बहना हूँ
दीदी घर की रौनक थी तो
मैं रौनक का गहना हूँ।

जोरदार तालियाँ……..के लिए। वाह ये तो बहुत खुश हैं। ‘कुछ’ (कुछ को थोड़ा लंबा खींचकर रुकना है, नाटकीय रूप से) ज्यादा ही खुश हैं। और क्यों न हो भला। जीजाजी जो इतने बांके मिले हैं। शानदार प्रस्तुति। जोरदार तालियाँ।

चलो इस तरफ भी देख लेते हैं कि वर पक्ष की खुशी का आलम क्या है। तो मैं आमंत्रित करती हूँ, इस शामयाना के most eligible batchler, younger brother of Groom, ………. को। एक धमाकेदार dance प्रस्तुति ‘ओ लाल दुपट्टे वाली सीधी साधी भोली भाली जानम रुक जाना’ को लेकर आ रहे ………को ये दो पंक्तियाँ कहना चाहती हूं कि..

 

सिर्फ नसीहतें सुनकर बड़ा हुआ हूँ
किसी ने कभी पीठ नही थपथपाई
अब मेरी भाभी घर मे आने वाली है
जो करेगी मेरी हौसलाअफजाई।

जोरदार तालियों से स्वागत करेंगें।।

(प्रस्तुति का समापन…) वाह वाह। क्या खूब छेड़ा। भई दूल्हे के भाई तो बड़े हाज़िर ज़बाब हैं जी। खूब ख़ुश हैं जी। क्या कहने। और क्यों न हों वो किसी विद्वान ने क्या खूब कहा है कि-

घर मे भाभी और देवर की आज़ादी।

खूब भालो। जोरदार तालियाँ इस grand मस्ती वाली परफॉर्मेन्स के लिये।

अब मित्रो, इतना अंदाज़ा तो बनता है कि दूल्हे के छोटे भाई जब इतने कमाल के हैं तो दूल्हे के बड़े भाई कितने कमाल के होंगें। मैं invite करना चाहती हूँ दुल्हन के जेठ जी को, जो लेकर आ रहे हैं एक शानदार dance प्रस्तुति ‘तुमसे अच्छा कौन है दिल जिगर लो जान लो।’ मैं इन चार दो पंक्तियों के माध्यम से उन्हें आमंत्रित करती हूँ कि..

Shayari for elder brother of groom । दुल्हन के जेठ के लिये शायरी

 

मेरे चरित्र में अदाकारियों के
मिज़ाज़ ही न ढूंढो
मैं खुद्दारियों कदरदानियों की
तासीर भी रखता हूँ।

जोरदार तालियों से स्वागत करेंगें।

(प्रस्तुति का समापन…) वाह वाह। बहुत शानदार। ये हैं दूल्हे के बड़े भाई। एक मक़बूल businessmen लेकिन मिज़ाज़ रोमांटिक ही रखते हैं।

कार्यक्रम को गति देते हैं और अब बुलाते हैं वधू पक्ष से दुल्हन की बुआ जी को।
मैं इन पंक्तियों के माध्यम से उन्हें आवाज़ देना चाहती हूँ कि..

 

कंठ सुरीला बुआ ने पाया,
कहती सारी जनता है
आज बनी है bride भतीजी,
एक गीत तो बनता है।

जी हाँ मित्रों, मैं आपको एक बड़ा surprize देना चाहती हूँ, और वो ये है कि दुल्हन की बुआ जी एक बहुत सुरीली singer हैं। और वो एक बहुत ही मधुर गीत आपके सामने ले के आ रहीं हैं। तालियों से स्वागत करेंगें बुआ जी…………का।

(प्रस्तुति की समाप्ति…) वाह वाह। बहुत ही सुरीली आवाज की मल्लिका हैं आदरणीय बुआ जी और ऐसा मेरा कहना नही है, ये तो once more की आवाज़ें बता रहीं हैं। पहले एक बार और जोरदार तालियाँ बजाएं।

देखिये मैंने बुआ जी से आग्रह किया है। और वो तैयार भी हैं। लेकिन कुछ प्रस्तुतियां और हो जायें इसके बाद बुआ जी चाहेंगीं तो आपके सामने पुनः अपने सुरीले स्वर बिखेरेंगी। ये मेरा वादा है।

मैं कार्यक्रम को गति देती हूँ और आमन्त्रित करना चाहती हूं दूल्हे के जीजाजी एवम दीदी को। अब देखो मित्रो यहाँ मुआमला अलग ही है। इस हसीन जोड़े की कहानी ही अलग है। दोनों अलग-अलग वजह से खुश हैं। दीदी तो खुश हैं कि उनका राजा भैया दूल्हा बन रहा है। लेकिन जीजाजी; उनकी खुशी का न पूछो। मैं मंच से दो-दो पंक्तियाँ दोनों लोगों को भेंट कर रही हूँ आशा है कि आप माजरा समझ जायेंगें। पहले-

दूल्हे की दीदी के लिये शायरी। shayari for Groom’s sister

 

क्यों ना मैं इतराऊं गाऊँ,
क्यों न दीप जलाऊं मैं
राजा भैया बना है दूल्हा,
फूली नही समाऊँ मैं।

और जीजाजी का अलग ही गणित है। हाँ जी। बताऊं क्या मैं। तो सुनिये..

Shayari for Groom’s sister’s husband । दूल्हे के जीजाजी के लिए शायरी

 

अब तो तेवर और ही होंगें
क्यों ना इठलायें देखो
सलहज जो है आने वाली
जीजा की रौनक देखो।

जी हाँ। सही पकड़े हैं। यही वजह है जीजाजी के प्रसन्न दिखने की। तो जोरदार तालियों के साथ स्वागत करें हमारे शाहज़हाँ के दीदी जीजाजी की। जो आपके सामने लेके आ रहे हैं एक जोरदार प्रस्तुति ‘जय जय शिव शंकर कांटा लगे न कंकर’ । मैं दीदी-जीजाजी का मंच पर स्वागत करती हूँ।

(प्रस्तुति का समापन…) वाह वाह वाह। कमाल की प्रस्तुति इस हसीन जोड़े की। जोरदार और खूब जोरदार करतल ध्वनि। दोनों हाथ पूर्णतः खोलकर।

अगले क्रम में, दुल्हन पक्ष से उनकी माँ और पिताजी को मैं मंच पर बुलाना चाहती हूं। मित्रों, सच बात तो यह है कि किसी भी माँ के लिए, किसी भी बाबुल के लिए जीवन का सबसे दुरूह कार्य है अपने कलेजे के टुकड़े, अपनी घर की रौनक, अपने आंगन की गौरैया को दूसरे आंगन भेजना, उसे अपने हाथों से जानते बूझते दूसरे हाथों को सौंप देना।

किन्तु यही जग की रीत है। यही रिवायत है। यही दस्तूर है। वैदिक परंपरा में कन्यादान ही परम दान माना गया है। तो आइए अगली भावभीनी प्रस्तुति ‘खुशी खुशी कर दो विदा तुम्हारी बेटी राज करेगी’ और इसे लेकर आ रहे हैं दुल्हन के मम्मी पापा जी। मैं दो दो पंक्तियाँ उन्हें समर्पित करते हुऐ उन्हें आमंत्रित करती हूं कि..

Shayari for bride’s mother। दुल्हन की माँ के लिये शायरी

 

हाँ मैं आंगन में तुलसी की,
पूजा करती हूँ
मैं घर की ज़ीनत हूँ 
हर कोने में बसती हूँ
मैंने अपने मकां को घर,
घर से ज़न्नत बनाया है
मैं एक माँ हूँ,
बच्चों की खुशियों से सवरतीं हूँ।

जोरदार तालियाँ मम्मी जी के लिये। अब मै दुल्हन के पापा जी को पंक्तियाँ कहती हूँ कि..

Shayari for bride’s Father । दुल्हन के पिताजी के लिये शायरी

 

मेरे माथे की पेशानी पर
सुकून की परछाई आई है
मुद्दतों बाद मेरे दरवाजे पर
नैमतों की बारात आई है।

मैं आग्रह करती हूं कि प्रस्तुती शुरू की जाये।

(प्रस्तुति का समापन..) दिल खोलकर तालियाँ मित्रो। इनके ह्रदय को ईश्वर आनंद से भरें। आँखों सजल करने वाली परफॉर्मेंस थी।

अगले क्रम में दूल्हे के चाचाजी को मैं आमंत्रित करती हूँ। वो लेकर आ रहे हैं एक रॉकिंग परफ़ॉर्मेंस ‘पल भर के लिए कोई हमें प्यार कर ले झूठा ही सही’। मैं दो पँक्तियों के साथ उन्हें आमंत्रित करना चाहती हूँ कि..

Shayari for Groom’s uncle । दूल्हे के चाचा के लिये शायरी

 

अब मुझे दवा की नही
दुआ की ज़रूरत है यारो
मैंने एक कयामत के साथ
पच्चीस साल बिताए हैं।

आप चाहें तो ठहाके लगा सकते हैं लेकिन चाची जी से थोड़ा दूर बैठकर। एक बात तो है मित्रो, चाचाजी कितने भी मज़ाकी क्यों न हो लेकिन इस performence के बाद उनकी खैर नही। जोरदार तालियों के साथ स्वागत कीजिये चाचाजी का।

(प्रस्तुति का समापन….) दिल खोलकर तालियाँ की गूंज कीजिये। मित्रो। बहुत ही कमाल परफॉर्मेन्स थी ये।

अब friends हम कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव पर हैं। और मुझे पता है कि आप सब इस picture के हीरो हीरोइन की परफॉर्मेंस देखना चाहते हैं तो मित्रो इंतज़ार खत्म हुआ। मैं इन पंक्तियों के साथ आमंत्रित दूल्हे राजा को आमंत्रित करती हूँ कि…

Shayari for Groom’s । दूल्हे के लिए शायरी

 

मुझसे दिल का आलम न पूछो
मैंने तो ख़्वाब में भी न ये सोचा है
मैंने तो रौशनी का कतरा मांगा था
खुदा ने मुझे नूर का समंदर सौंपा है।

जोरदार तालियाँ मित्रो Very very हैंडसम, फिल्मस्टार की तरह जंचने वाले दूल्हे राजा के लिये। वो कृपया मंच पर आ जायें।

अब मैं फिल्मी एक्ट्रेस जैसी सुंदर। very very beautiful bride को दो पंक्तियाँ सौंपती हूँ कि..

Shayari for bride’s । दुल्हन के लिये शायरी

 

बात ये छिप ना सकी
गुलिश्तां में आम हो गई 
बाद मुद्दत ही सही
खुशनुमा शाम हो गई 
कायनात में खुशी
ढूंढ़ती रही दुनिया सारी 
ओह! सब की सब
मेरे मेहबूब के नाम हो गई।

तो बरोबर है। तपिश दोनोँ ही तरफ है। एक बार सब खड़े हो कर होने वाले इस नवयुगल का स्वागत करें एवम अपनी शुभकामनायें प्रेषित करें।

देखिये इस महिला संगीत के आयोजन में लगभग पूरी की पूरी थीम old is gold songs पर रखी थी। अब आप इस आखिरी प्रस्तुति में सबसे मधुर और सबसे बेहतरीन गाना सुनेंगें और दूल्हे दुल्हन की गरिमा अनुरूप प्रस्तुति का आनंद उठायेंगे।
तो आइए सुनते हैं एक मोहक प्रस्तुति-

 

आओ मिल जायें हम सुगंध
और सुमन की तरह
एक हो जायें चलो
चांद और गगन की तरह।

मित्रो, दूल्हा दुल्हन मंच पर आ गये हैं। मैं best couple से प्रस्तुति का अनुरोध करती हूँ।

(प्रस्तुती का समापन..) दिल खोलकर हाथ खोलकर इनकी इस शानदार परफॉर्मेन्स को सराहें। मैं नवयुगल को उनके मंगलमयी दाम्पत्य जीवन के लिये दिल से शुभकामनायें एवम बधाईयाँ प्रेषित करती हूँ। आप सबका तहेदिल आभार कहती हूँ जो कि आप सबने इस कार्यक्रम में अपनी अभिनव प्रस्तुतियां देकर चार चांद लगा दिए। आपका सबका बहुत बहुत शुक्रिया। शुभरात्रि।

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