मंच संचालन स्क्रिप्ट-विद्यालय का बार्षिकोत्सव। Anchoring script- Annual Function of School

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एंकर मेल-अब मैं आज के विशिष्ट अतिथि माननीय श्री ……………… जी की गरिमामयी शख्सियत को चंद पंक्तियाँ समर्पित करते हुए उनके स्वागत के लिए हमारे संस्कृत के अध्यापक गुरुवर श्री……………जी को आमंत्रित करता हॅूं की वो आयें और हमारे आज के विशिष्ट अतिथि जी का स्वागत करें-अभिनदंन करें। 

 

रंगत नई आई यहाँ, संगत मिली जो आपकी
चहुँ ओर फैला नूर सा, यूँ शख्शियत है आपकी

 

साथियो तालियों की गड़गड़ाहट से हमें गौरव प्रदान करने वाले इन अतिथियों का अभिनन्दन करें।

(चाहें तो निम्नानुसार एक सूची बना लें कि किस अतिथि का स्वागत कौन व्यक्ति करेगा)

मुख्य अतिथि माननीय श्री …………-स्वागत करेंगे श्री…………

कार्यक्रम अध्यक्ष माननीय श्री ………-स्वागत करेंगे श्री…………

विशिष्ट अतिथि माननीय श्री ………..-स्वागत करेंगे श्री…………
7) मुख्य अतिथि एवम कार्यक्रम अध्यक्ष का उद्बोधन

(यह क्रम एक साथ भी किया जा सकता है जिसमें पहले कार्यक्रम अध्यक्ष फिर मुख्य अतिथि का संक्षिप्त भाषण कराया जाता है। इसमें लाभ ये रहता है कि भाषण उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम बिना किसी बाधा के लगातार चलते रहते हैं। दूसरे तरीका ये है कि पहले मुख्य अतिथि का भाषण करा के, 2-3 प्रस्तुतियों के पश्चात कार्यक्रम अध्यक्ष का भाषण करा दिया जाता है। अगर 2 से अधिक अतिथि भाषण देने वाले हों तो 3-3 प्रस्तुतियों के पश्चात भाषण कराये जा सकते हैं। ऐसा इसलिए आवश्यक है कि दर्शकों में उकताहट ना आये)

 

एंकर फीमेल-साथियो, आज के दिन का यह प्रथम पहर इतना मांगलिक और ऊर्जामयी हो सकता है ऐसा तो हम सभी ने सोचा ही नहीं था। तो आइये मित्रो, आनंद की इस कल कल बहती धारा में हम अपने आप को बहा ले जाते हैं और ले चलते हैं आपको एक से एक शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की ओर जिन्हें देखकर आप अचरज से भर जायेंगे।

 

8)सांस्कृतिक कार्यक्रम सामूहिक नृत्य

एंकर मेल-जी हां दोस्तों, वो किसी शायर ने क्या खूब कहा है कि..

 

ज़िंदगी कि असली उड़ान  बाकी है
जिंदगी के कई इम्तेहान अभी बाकी है
अभी तो नापी है मुट्ठी भर ज़मीन हमने
अभी तो सारा आसमान बाकी है

तो आपको ले चलते हैं हमारी पहली प्रस्तुति की ओर जो की एक राजस्थानी समूह नृत्य है। मेरा दावा है कि आप भूल जाएंगे कि आप अपने प्रदेश…….में हैं या राजस्थान में। मैं प्रतिभागियों कुमारी 1………, 2………, 3…………,4………..,5…………,6…………… को मंच पर उनकी प्रस्तुति के लिए आमंत्रित करता हूँ
समापन-बहुत ही मनमोहक प्रस्तुति थी। क्या बात क्या बात क्या बात।
तालियों गड़गड़ाहट तो बनती है दोस्तो। जोरदार तालियां ।

9) सांस्कृतिक कार्यक्रम देशभक्ति कव्वाली

एंकर फीमेल-वाह वाह।। खूब भालो। क्या कमाल का नृत्य था। साथियो, ऐसी अद्वितीय प्रस्तुतियां बिना लगन और सामंजस्य के होना संभव ही नहीं। मै दो पंक्तियों हमारे सभी साथी सहपाठियों के नाम कह कर अगली प्रस्तुति की ओर ले चलती हूँ। कि

 

कौन कहता है कि इस दुनिया में जलन कड़वाहट बसती है
हमारे विद्यालय में आकर देखो यहाँ केवल सौगात बटती है

 

अपने लिए जोरदार तालियां बजा दीजिये।

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