प्रेम का गीत । मोहब्बत का गीत । Love geet । Romantic geet

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कोई तो सपना टूट गया है
कोई तो अपना छूट गया है
हम ख़ुद से हो गए बेगाने
हमसे हमारा रूठ गया है
कैसी मुरादों वाली ये बोली
कैसी है वादों वाली बोली
शहद में लिपटी ज़हर की गोली
देकर कोई लूट गया है
किसको दूँ तोहमत किसको दुहाई
हमको मुहब्बत रास ना आयी
फुरकत वाली कड़वी दवाई
वाला गले में घूंट गया है
धड़कन धड़कन इक बेईमानी
नस नस दौड़ा पीर का पानी
आँख से बरसी नीर की बदली
बाँध नदी का फूट गया है
मोड़ गली सब वहीँ खड़े हैं
हवा के झोंके ज़िद पे अड़े हैं
रुसवाई के रोज ढिंढोरे
आलम सारा पीट रहा है

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