दहकता हुआ चेहरा लेकर राज वीर सिंघ ठाकुर धड़ धड़ाते हुये अपने बैठक मे दाखिल हुये। गुस्से से कांपता वजूद, आँखो में उतरा खून, दांत भिंचे हुये मानो सारे जहाँन को खाक कर डालने का इरादा हो। लम्बे कद के कृषकाय शरीर के स्वामी ठाकुर साब की आयु तक़रीबन 65 वर्ष की है। लाल