रोमांटिक कविता Archive

मोहब्बत के जुदा-जुदा रंगों की 3 रूमानी कवितायें । 3 Very Romantic love Poems । हिंदी में प्यार की कवितायें

    कविता-बदल गये हो डबडबाती कोरों से भी देखा, दिखते तो हो तुम! पर वैसे नही जैसे दिखते थे संभवतः तुम बदल गये हो हाँ!! तुम बदल गये हो। पहले तुम्हें आती थी संकेतों की भाषा झूठ सच क्षोभ विषाद सब पकड़ लेते थे। मैं लिख देती थी उंगली से कुछ शून्य में, और

मीठे अहसास की कविता । Poem in falling Love । Poem in being Love । प्यार की कविता। मोहब्बत की कविता। पहले प्यार की कविता

      रोमांटिक कविता-उफ़ान आतुरता का व्याकुलता की ओर यह प्रवाह आह!! गुमान ही ना था कोई अनुमान ही ना था। लज़्ज़त के गगन से टप्प टप्प बूँद गिरती रही हृदय के रजत कटोरे में चुपके से, लबालब चांदनी भरती रही। ये भी पढ़ें- Love Dohe । इश्क़ के दोहे ये भी पढ़ें-प्यार में

True Loves Poems in hindi । मखमली यार के मखमली प्यार की कविता । इश्क हो जाने की रूहानी कविता

-Love Poem- दिल से दिल तक जब नभ की अगुणित सीमायें शीतल शशिमय हो जाती हैं जब धरा हिमालय से उठकर स्वागत में मलय चलाती है तब ऐसा क्या कुछ होता है हर बात सुखद हो जाती है तब ऐसा क्यों कुछ होता है सौगात सहज हो जाती है जब खुशी मौज सी मचल उठे

Love poems । 3 बेहद रोमांटिक कवितायें । इश्क के रंग में डूबी हुई 3 कविताओं की श्रृंखला

Love poem-मोह हाँ शायद, मैं नही जानता और कैसे जानूँ तुमने ह्रदय पट ही नही खोले बहुत कुछ कहा होगा कहा है मगर कुछ भी तो नहीं बोले मंदाकिनी हो तो बहती भी होगी किन्तु क्षमा करना दायरों में ही रहती होगी तो आस का क्या वो तो टूटेगी अब तुम्हीं बताओ टूटन में क्या

Poem in falling love in hindi । poem in being love in hindi । दो बेहद रोमांटिक हिंदी कवितायें । Love Poems in hindi

‘कौन है’ कंपकंपाती भौंहें थरथराता ललाट नशीली आँखें मुंदी पलकें पलकों की बेसुध कोरें कोरों में नमी नमी में तसव्वुर तसव्वुर में मुस्कराता कौन है जो मौन है सघन-घने सुरमई गेसू गेसुओं की चन्द उन्मत्त लटें टोली से बाहर विद्रोह कर उतर आती हैं कपोलों पर किलोलें करने कपोलों पर लज़्ज़ा जहाँ फैली है हया

प्यार में होने की रोमांटिक कविता। प्यार हो जाने के अहसास पर रोमांटिक कविता। Romantic Poem of being in Love। Poem of falling in Love

      । तुम्हारा प्यार । ये तुम्हारा प्यार मुझमें, मिश्री की तरह घुल रहा है आतुरता और संशय के बीच कुछ तौल रहा है तुल रहा है पगडंडी निर्मित हो रही है निर्मल घट से अंतस पट तक सरयू बहने को उत्सुक है नेह निलय से ह्रदय तट तक माना कि अदृश्य है

पहले प्यार पर कविता । मुहब्बत हो जाने पर कविता। ख़्वाबों पर कविता। Poem on first love । poem in being love । poem on sweet dreams

। मधुरस । पलकों पे घुंघरू ख्वाब के बाँध के रात सिरहाने आकर बैठी है रस्ता देखती कब बंद हो आवाजाही ख्यालों की, याद की अधखुली खिड़की से, झाँकती बातों की  रसीली चाँदनी, मुख को चूमती चंचल हवाएँ जो भेजी है उसने लिख कर तहरीरें  रातरानी की खुशबू में लपेटकर घुल रही है साँसों में

होली पर रोमांटिक गीत (3 गीतों की प्रस्तुति ) । Holi par Romantic geet (3 Geeton ki prastuti)

          ( Track/धुन-जिहाल-ए-मस्ती मकुन-ब-रन्जिश, बहाल-ए-हिज़्रा बेचारा दिल है, फिल्म-गुलामी )                      ‘फैसला’ इस बार होली, नहीं ठिठोली, हम फैसले के लिये अड़े हैं लो भंग चढ़ा के लो रंग लगा के, तेरी गली में निकल पड़े हैं गुलाब की शोखियाँ चुराकर, पलाश

होली पर रोमांटिक कविता । Holi par romantic Poem

    गोरी से होरी कैसे हो, हफ़्तों के ताने-बानों को रंगों की पुड़ियाँ हाथों में, ले आस हुमक अरमानों को मौके तकना तक तक थकना, हड़बड़ियों में वो गड़बड़ियां कैसे भूलें वो दिन गोरी, कैसे होली की बातों को गोरी के गुलाबी गालों को, गालों पर बिखरे बालों को वो छज़्ज़े वाली खिड़की को,

जुदाई की कविता-काश

तुम ग़लत नहीं हो सच ही तो कह रही हो एक लंबे अरसे से क्या क़ुछ नहीं सह रही हो हाँ मैंने बहुत गलतियाँ की हैं जानता हूँ मैं अपने किये हुये सब गुनाह भी मानता हूँ मैंने इरादे ज़ाहिर किये थे चाँद तारे लाने के हाँ मैंने ढेर वादे किये थे सदा गले लगाने
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